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editor yogesh kumar chouhan

रायगढ़, 25 सितंबर 2026
जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में एक ढाबा संचालक से कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह ने त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक को निलंबित और एक आरक्षक को पुलिस लाइन अटैच कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहारी ढाबा के संचालक मोंटू गुप्ता ने 24 सितंबर को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 23 सितंबर की रात थाना धरमजयगढ़ के प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी सहित अन्य पुलिसकर्मी ढाबे पर पहुंचे, जहां विवाद की स्थिति बनी और कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई।
शिकायत मिलते ही एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने मामले को तत्काल संज्ञान में लिया। उन्होंने न केवल संबंधित पुलिसकर्मियों से पूछताछ की, बल्कि शिकायतकर्ता का पक्ष भी विस्तार से सुना। प्रारंभिक जांच में कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के संकेत मिलने पर प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं, आरक्षक विजय राठिया के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया अशोभनीय आचरण पाए जाने पर उसे रक्षित केंद्र, पुलिस लाइन में अटैच किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी को प्राथमिक जांच सौंपी है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे समस्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि आगे की कार्रवाई विधिसम्मत तरीके से की जा सके।

इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, मामले की अंतिम सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर पुलिस के आचरण और जनविश्वास के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है
