लैलूंगा/ लैलूंगा के ग्राम पंचायत कमरगा के 50 वर्षीय महिला रतनी चौहान पूरे 11वें दिवस गुमशुदगी के बाद सकुशल आज अपनी परिजन से मिली। परिवार की मुख्या होने के नाते उनके परिजन के लिए कोई सदमे से कम नहीं था , उसकी बेटा, बेटी का रो रोकर बुरा हाल हो चुका था। परिवार से इतनी दिनों बाद मिलना मन को भावविभोर हो जाना स्वाभाविक है।10 सितंबर को उनके ननद के स्वास्थ्य खराब की सूचना प्राप्त हुई तो रतनी चौहान अपने बेटे के साथ देखने गई , तब उसकी ननद को लैलूंगा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, परन्तु उसकी तबियत ज्यादा खराब होने लगी । वहीं से डॉक्टर ने रेफर कर दिया ,
उसके पश्चाद् उड़ीसा के बुरला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, वही उसकी ननद की स्वास्थ्य क्रिटिकल होने पर राउरकेला रेफर कर दिया गया। वहीं राउरकेला हॉस्पिटल में भर्ती करने के बाद उसका बेटा घर आ गया । 1 दिन बाद उसके भाचा के द्वारा राउरकेला से रायगढ़ के लिए बस में बैठा दिया गया । परन्तु वह भूलवश झारसुगडा में उतर गई, फिर वह देखी की वह रास्ता भटक चुकी है वह पूरे 10 से 11 दिन भूखे प्यासे पड़ी रही क्योंकि वहां पढ़ी-लिखी नहीं थी और हाथ में कोई पैसे भी नहीं थी जब वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों के द्वारा उसके भांजे को संपर्क किया गया तो बताया गया कि उसको बस में चढ़ा दिया गया है परंतु नहीं पहुंची तो गुमशूदगी की रिपोर्ट कराई गई।
फिर उसके बेटे ने लैलूंगा के तमन्ना मोबाइल के इंस्टाग्राम सोशल साइट से गुमशुदगी के बारे बताया गया और अपील किया गया कि जो कोई भी व्यक्ति द्वारा रतनी चौहान के बारे में जानकारी देने वाले को नगद 15000/- हजार रूपये देने की घोषणा की गई । तमन्ना मोबाइल को बहुत बहुत साधुवाद उनके फॉलोवर झारसुगडा के एक दुकान वाला है जो उसकी दुकान से रोते हुए बिस्किट मांगने की बात कही गई, तत्पश्चाद झारसुगुड़ा पुलिस की मदद से सकुशल बरामद किया गया और उनके परिवारजन को सौंप दिया गया। सूचना प्राप्त होने पर गांव की सरपंच कुसुम खलखो ने परिवार की हालचाल जाना और हर संभव मदद करने की बात कही गई।
