अवैध धान पर लगाम या दिखावा?हमीरपुर बॉर्डर पर चेकपोस्ट स्थापित, जबकि केशरचूआ, टागारघाट, सुखातालाब, बिजना और बरकछार से जारी है ओड़िशा की ओर अवैध आवागमन

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जिला रिपोर्टर नरेश कुमार राठिया

अवैध धान पर लगाम या दिखावा?हमीरपुर बॉर्डर पर चेकपोस्ट स्थापित, जबकि केशरचूआ, टागारघाट, सुखातालाब, बिजना और बरकछार से जारी है ओड़िशा की ओर अवैध आवागमन — विश्वसनीय सूत्रों का खुलासा

रायगढ़/तमनार।

धान खरीदी वर्ष 2025-26 को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने ओड़िशा से अवैध धान की तस्करी रोकने के उद्देश्य से हमीरपुर बॉर्डर पर चेकपोस्ट स्थापित किया है।

हालांकि, क्षेत्रीय सूत्रों का कहना है कि यह कदम केवल “दिखावे की कार्रवाई” साबित हो सकता है, क्योंकि जिले के अन्य सीमावर्ती इलाकों से अब भी ओड़िशा की ओर धान का अवैध आवागमन बेरोकटोक जारी रहने की संभावना बनी हुई है।विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार केशरचूआ, टागारघाट, सुखातालाब, बिजना और बरकछार जैसे क्षेत्र ओड़िशा सीमा से बेहद नजदीक हैं और इन्हीं इलाकों से अवैध धान की खरीद-बिक्री की गतिविधियां सबसे ज्यादा पाई जाती हैं। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में निगरानी का अभाव होने के कारण वर्षों से अवैध कारोबारी सक्रिय हैं, जो प्रशासन की नजरों से बच निकलते हैं।

खास बात यह है कि ओड़िशा से सटे धौराभाठा, उरबा और हमीरपुर मंडी क्षेत्र भी इन गतिविधियों के केंद्र माने जा रहे हैं। इनमें से धौराभाठा मंडी तो केशरचूआ, टागारघाट, सुखातालाब और बिजना जैसे सीमावर्ती गांवों से बेहद नजदीक है। जानकारों का कहना है कि इन क्षेत्रों में ओड़िशा से आने वाले “कोचियों” द्वारा धान की तस्करी की सबसे अधिक संभावना रहती है। यदि यहां कड़ी निगरानी नहीं की गई तो हमीरपुर चेकपोस्ट की कार्रवाई का वास्तविक प्रभाव सीमित ही रहेगा।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर प्रशासन वास्तव में अवैध धान पर नियंत्रण चाहता है, तो उसे केवल हमीरपुर तक सीमित रहने के बजाय धौराभाठा मंडी और आसपास के सीमावर्ती गांवों में भी निगरानी और गश्ती दलों की व्यवस्था करनी चाहिए।

इससे न केवल ओड़िशा से होने वाली तस्करी पर रोक लगाई जा सकेगी, बल्कि स्थानीय किसानों के हितों की भी रक्षा होगी।वहीं अधिकारियों का कहना है कि हमीरपुर बॉर्डर पर स्थापित चेकपोस्ट इस क्षेत्र की निगरानी के लिए प्रारंभिक कदम है। जल्द ही अन्य सीमावर्ती इलाकों की पहचान कर वहां भी निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।अब देखना यह होगा कि प्रशासन केवल प्रतीकात्मक कदम तक सीमित रहता है या फिर वास्तव में केशरचूआ, टागारघाट, सुखातालाब, बिजना, बरकछार और धौराभाठा मंडी क्षेत्र में सक्रिय कोचियों पर सख्त कार्रवाई कर अवैध धान के कारोबार पर लगाम लगाता है।

संपादक योगेश कुमार चौहान

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